ड्राइवर को आया हार्ट अटैक, मालिक ने गाड़ी चलाते रहने का दिया फरमान! जानें किस तरह बची शख्स की जिंदगी


लोगों की बदलती लाइफस्टाइल की वजह से कम उम्र में हार्ट अटैक (Heart attack treatment) आना काफी आम बात हो गई है. ऐसे में जो लोग अपने स्वास्थय का ध्यान नहीं देते, उन्हें तकलीफों का सामना करना पड़ता है. पर ये जरूरी नहीं है कि उनकी तकलीफों को दूसरे भी वैसे ही समझें. हाल ही में इंग्लैंड के एक शख्स (England driver got heart attack during work) के साथ भी ऐसा हुआ. उसे हार्ट अटैक आया मगर उसके बॉस (Boss asked employee to continue work during heart attack) उसकी बिगड़ती सेहत की गंभीरता को नहीं समझ पाए. उन्होंने ऐसा फरमान दे दिया कि उसे जानकर हर कोई दंग है.

डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार प्रेसकॉट (Prescot) के रहने वाले 46 साल के नील मार्टिन (Neil Martin) 2 बच्चों के पिता हैं और अमेजन कंपनी में डेवा लॉजिस्टिक्स नाम की कंपनी के जरिए जुड़े हुए हैं. वो अमेजन के लिए ड्राइवर का काम करते हैं. हाल ही में उनके साथ काफी चौंकाने वाली घटना घटी. वो अपनी गाड़ी चला रहे थे जब अचानक उनके सीने में भयंकर दर्द होने लगा और काफी पसीना छूटने लगा. उन्होंने अस्पताल जाने का तय किया मगर जब उन्होंने अपने बॉस को डेवा लॉजिस्टिक्स (Deva logistics) में बताया तो उसने कहा कि वो गाड़ी चलाता रहे, शिफ्ट (Boss asked driver suffering from heart attack to complete work) पूरी कर ले, उसके बाद अस्पताल जा सकता है.

सीने में दर्द होने के बावजूद भी बॉस ने काम करने को कहा
नील ने बताया कि जब उन्हें कार में दर्द होना शुरू हुआ तो उन्होंने कंपनी को कॉल किया मगर किसी ने फोन नहीं उठाया. फिर उन्होंने अपने पूरे सिंप्टम बताते हुए बॉस को एक मेल लिखा और कहा कि वो डॉक्टर को दिखाने जा रहा है. बॉस ने उसे तुरंत ही कॉल किया तो नील ने कहा कि अगर कोई आकर उसके पार्सल लेता जाए तो वो डॉक्टर के पास चला जाएगा. बॉस ने बोला कि वो एक दूसरे ड्राइवर को भेज सकता है मगर वो इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकता. नील को लगा कि उसकी मुश्किलें हल नहीं हुई हैं. वो भयंकर दर्द में भी काम करता रहा. अपनी पूरी शिफ्ट खत्म करने के बाद वो शाम को डीपो पर पहुंचा जहां बॉस ने उससे कहा कि अगले दिन के लिए उसका रूट छोटा रखा गया. नील ने उसे तबीयत के बारे में बताकर कहा कि वो डॉक्टर को पहले दिखाने जाएगा.

शख्स को आया था हार्ट अटैक
वो घर पहुंचकर एक अस्पताल गया जहां डॉक्टरों ने जब उसे चेक किया तो उन्हें कुछ गड़बड़ पता चली. नील के दिल की धड़कनें 320 बीट प्रति मिनट थीं जबकि नॉर्मल आदमी की धड़कनें 85 के करीब होती हैं. उसे तुरंत ही एडमिट किया गया और वो अगले 10 दिनों तक अस्पताल में ही रहा. उसे दवाएं दी गईं, उसका एनजियोग्राम किया गया. जब उसकी धड़कनें नॉर्मल हुईं तो उसे दूसरे अस्पताल एमआरआई और बाकी के ट्रीटमेंट के लिए भेज दिया गया था. दूसरी ओर डेली स्टार वेबसाइट के अनुसार कंपनी के प्रवक्ता ने कहा है कि वो इस मामले की जांच कर रहे हैं क्योंकि वो कर्मचारी की तबीयत की ज्यादा चिंता करते हैं.

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