धरती की ओर बढ़ रहा है इतिहास का सबसे विशालकाय धूमकेतु, 35,000km/घंटा है रफ्तार


Biggest Commit : अंतरिक्ष (Space Secrets) रहस्यों से भरी हुई दुनिया है और यहां कुछ न कुछ नया रोज़ाना घटता रहता है. इनमें से कुछ घटनाएं हमारी धरती के लिए खतरे की घंटी भी बन जाती हैं. इस वक्त एक ऐसी ही ऐतिहासिक घटना पर स्पेस एजेंसी नासा की नज़र बनी हुई है. अंतरिक्ष में एक विशालकाय कॉमिट यानि धूमकेतु धरती की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है.

बताया जा रहा है कि इस धूमकेतु के धरती की ओर आने की रफ्तार 35,405 किलोमीटर प्रति घंटा है, जबकि इसका वज़नन 500 ट्रिलियन टन है. धूमकेतु का बर्फीला नाभिक 128 किलोमीटर है, जो अन्य कॉमिट्स की तुलना में 50 गुना ज्यादा बड़ा है. अब सवाल ये कि आखिर इस धूमकेतु के धरती की तरफ बढ़ने से क्या मानव जाति को कोई खतरा है ?

धरती पर क्या होगा असर ?
अमेरिकन स्पेस एजेंसी NASA के मुताबिक धूमकेतु की रफ्तार से धरती को कोई खतरा नहीं है क्योंकि ये कॉमिट सूर्य से 1.60 अरब किलोमीटर से ज्यादा नज़दीक नहीं आएगा. Daily Star की रिपोर्ट के मुताबिक धूमकेतु का नाम C/2014 UN271 रखा गया है और इसे पहली बार नवंबर, 2010 में देखा गया था. तब ये 4.28 अरब किलोमीटर की दूरी पर था. इस धूमकेतु का वज़न अन्य कॉमिट्स की तुलना में 1 लाख गुना ज्यादा बड़ा है. इसकी रफ्तार 22,000 मील यानि 35,405 किलोमीटर/ घंटा है. गनीमत ये है कि धरती पर इसका असर कुछ खास नहीं होने वाला है.

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लगातार रखी जा रही है नज़र
वैज्ञानिक टेलिस्कोप के ज़रिये धरती और अंतरिक्ष की निगरानी करते हैं. उनका मानना है कि साल 2031 में इसकी यात्रा हमसे शनि जितनी दूर मौजूद एक बिंदु पर खत्म होगी. इस धूमकेतु के विशाल होने का तो अंदाज़ा वैज्ञानिकों को था लेकिन हबल स्पेस टेलिस्कोप के ज़रिये पता चला ये 500 ट्रिलियन टन से भी ज्यादा वजनी है. वैसे धूमकेतु के आकार का पता लगाना आसान नहीं होता क्योंकि इसके आस-पास धूल के बहुत कण होते हैं. इसके केंद्र से टेलिस्कोप के ज़रिये वैज्ञानिक कॉमेट के साइज़ का अंदाज़ा लगाते हैं. बताया जा रहा है कि ये धूमकेतु अरबों साल पुराना है.

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