मौजमस्ती के खेल में पिता ने तोड़ा दम, सांड ने परिवार के सामने ही सींग से उठाकर ऐसा पटका कि चली गई जान


कुछ परंपराए, कुछ खेल ऐसे होते हैं जो खुशी की जगह गम की वजह बन जाते हैं. कई देश, कई जगहें ऐसी हैं जहां ऐसे खेल और त्योहार का चलन सालों से चला आ रह है जो जानलेवा होकर भी लोगों की पसंद बना हुआ है. उसे रोकना किसी के बस की बात ही नहीं लगती. नतीजा ये होता है कि या तो किसी को जान गंवानी पड़ती है या लहूलुहान होकर कष्ट झेलना पड़ता है.

ऐसी ही एक परंपरा को निभाने के चक्कर में सेपने में एक परिवार को ज़िंदगी भर का गम मिल गया. दरअसल स्पेन में एक परंपरागत त्योहार में 55 साल के ऑस्कर रोड्रिग्ज कैलेजा को अपनी जान गंवानी पड़ी. इस खेल में इंसानों को खूंखार सांडो का सामना करना पड़ता है. ऐसी ही दौड़ में परिवार के सामने सांड ने सींग से उठाकर ऑस्कर को ऐसा पटका कि उनकी मौत हो गई. फिएस्टा डेल वर्देजो नाम के प्रोग्राम में सांड ने ऑस्कर पर हमला किया और उनकी मौत हो गई.

Man was attacked

सौ.इंटरनेट- कोरोना महामारी के बाद इस साल फिर से शुरु हुआ था सांडो की दौड़ वाला फिएस्टा डेल वर्देजो के नाम से प्रचलित त्योहार

सांडो की दौड़ में शख्स ने गंवा दी जान
कोरोना की वजह से कुछ सालों से ये त्योहार बंद था लेकिन जैसे ही फिर से उसकी शुरुआत हुई एक परिवार के लिए ये मातम का दिन बन गया. फिएस्टा डेल वर्देजो नाम की परंपरा में सांडो की दौड़ होती है. जिसमें शहर के शहर शामिल होते हैं. रास्ते में लोगों को रौंदते तो कभी बचते-बचाते निकलते हैं सांड. तो इंसानों को भी उनके गुस्से से खुद को बचाकर खेल के पूरा होने तक धैर्य बनाए रखना होता है. लेकिन ऑस्कर कैलजा कि किस्मत उस दिन उनके साथ नहीं थी शायद. तभी तो त्योहार की खुशी मनाने सपरिवार आए ऑस्कर को खूंखार सांड ने उनके परिवार के सामनेह ही अपना निशाना बनाया और पटक-पटककर लहुलूहान कर दिया.

2008 से लगातार चली आ रही है ये परंपरा
ये घटना सामने आई थी जब सांड के सबके सामने कौलजा पर हमला किया था. सांड इतने गुस्से में था कि एक शख्स की जान खतरे में देखकर भी कोई उनकी मदद के लिए आगे नहीं आ पाया और सबके सामने ही ऑस्कर खून से लथपथ हो कर ज़मीन पर पड़े रहे. बाद में इमरजेंसी ऑपरेशन के लिए उन्हें पास के मदीना डेल कैम्पो अस्पताल ले जाया गया लेकिन सांड ने उन्हें इतनी बुरी तरह ज़ख्मी कर दिया था उनकी जान बचाई नहीं जा सकी. फिएस्टा डेल वर्देजो के नाम से प्रचलित त्योहार को पहली बार 2008 में आयोजित किया गया था. कोरोना महामारी से पहले हर साल स्पेनिश त्योहारों में मौज-मस्ती करने वाले कई लोग जान से हाथ धो बैठे. 2015 में जुलाई की शुरुआत और अगस्त के बीच सात लोगों की मौत हुई थी.

Tags: Ajab Gajab news, Khabre jara hatke, Shocking news, Weird news

Leave a Comment